| अ.क्र. | नाव | कालावधी | शेरा | |
|---|---|---|---|---|
| पासून | पर्यंत | |||
| 01 | श्री.बी.एस.कुलकर्णी | 12/03/1986 | 13/07/1989 | - |
| 02 | श्री.एच.जे.बंड | 14/07/1989 | 06/09/1995 | - |
| 03 | श्री.एस.जी.मंडलीक | 07/09/1995 | 17/01/1999 | - |
| 04 | श्री.एन.आर.फाळके | 18/01/1999 | 30/06/1999 | प्रभारी |
| 05 | श्री.यु.एच.पानकडे | 01/07/1999 | 31/05/2002 | - |
| 06 | श्री.जे.एस.पारधी | 01/06/2002 | 18/07/2002 | प्रभारी |
| 07 | श्री.एस.बी.पाखरे | 19/07/2002 | 11/02/2004 | - |
| 08 | श्रीम.पी.आर.मनचंदा | 12/02/2004 | 22/02/2004 | प्रभारी |
| 09 | श्री.टी.पी.वाघोदे | 23/02/2004 | 26/06/2007 | - |
| 10 | श्री.बी.बी.पवार | 27/06/2007 | 21/01/2008 | प्रभारी |
| 11 | श्री.एन.बी.मुंढे | 22/01/2008 | 13/08/2008 | - |
| 12 | श्री.पी.एम.वेद | 14/08/2008 | 21/12/2008 | प्रभारी |
| 13 | श्री.ए.एच.बसरावी | 22/12/2008 | 26/08/2009 | प्रभारी |
| 14 | श्रीम.एस.पी.पटारे | 27/08/2009 | 05/06/2013 | - |
| 15 | श्री.बी.बी.शिंदे | 06/06/2013 | 28/08/2013 | अतिरिक्त |
| 16 | श्री.एस.एफ.शिरुडे | 29/08/2013 | 17/06/2015 | - |
| 17 | श्री.एम.एस.दिवेकर | 18/06/2015 | 27/09/2016 | प्रभारी |
| 18 | श्री.के.एस.चंदिले | 28/09/2016 | 15/12/2016 | प्रभारी |
| 19 | श्रीम.सयद्दा टी.एच. | 16/12/2016 | 20/07/2017 | - |
| 20 | श्री.के.एस.चंदिले | 21/07/2017 | 31/03/2018 | प्रभारी |
| 21 | श्री.एम.एस.दिवेकर | 01/04/2018 | 14/06/2022 | प्रभारी |
| 22 | श्री.एच.के.उशीर | 15/06/2022 | - | |
प्रस्तावना
लहान मुलांचे प्राथमिक शिक्षण हे त्यांच्या आयुष्यातील सर्वात महत्त्वाचे टप्प्यांपैंकी एक असते. याच काळात मुलांचे बौद्धिक, भावनिक, सामाजिक आणि नैतिक विकासाचे बीज पेरले जाते. अक्षरओळख, संख्याज्ञान, संवादकौशल्य, सर्जनशीलता यासारखी मूलभूत कौशल्ये याच टप्प्यात विकसित होतात. एक प्रेमळ, सुरक्षित आणि उत्तेजन देणारे शैक्षणिक वातावरण लहान मुलांमध्ये शिकण्याची गोडी निर्माण करते. त्यामुळे प्रत्येक पालक, शिक्षक आणि शाळेचे कर्तव्य आहे की त्यांनी मुलांच्या शिक्षणाचा पाया मजबूत करून त्यांना उज्ज्वल भविष्यासाठी तयार करावे.
शाळा हे केवळ ज्ञानाचे केंद्र नसून मुलांच्या सर्वांगीण विकासाचे स्थान आहे. प्राथमिक शाळेत मुले समाजात वावरायला शिकतात, शिस्त, सहकार्य, आणि इतरांसोबत काम करणे यासारख्या जीवनकौशल्ये आत्मसात करतात. शिक्षकांचा मार्गदर्शन आणि प्रेमळ दृष्टिकोन मुलांमध्ये आत्मविश्वास निर्माण करतो. अभ्यासक्रमाच्या माध्यमातून मुलांमध्ये जिज्ञासा, सर्जनशीलता आणि तर्कशक्ती विकसित होते, जे त्याच्या पुढील शिक्षणासाठी भक्कम पाया ठरतो.
वैजापूर तालुक्याचा थोडक्यात शैक्षणिक आढावा :-
- 1) एकूण शाळा - वैजापूर तालुक्यात जिल्हा परिषद 320 शाळा, नगरपरिषद 19 शाळा, खासगी 105 शाळा आहेत.
- 2) अधिकारी वर्ग - तालुक्यात 1 गटशिक्षणाधिकारी, 1 शिक्षणविस्तार अधिकारी, 18 केंद्रप्रमुख अशाप्रकारे सनियंत्रण अधिकारी वर्ग कार्यरत आहे.
- 3) शिक्षक संख्या - तालुक्यात जि. प. व्यवस्थापनाचे प्राथमिक व माध्यमिक असे एकूण 1190 शिक्षक कार्यरत आहेत.
- 4) विद्यार्थी संख्या - तालुक्यातील एकूण विद्यार्थी संख्या 59435